आज दिनांक 22 नवंबर को संस्कारधानी जबलपुर के इतिहास में एक और अविस्मरणीय पृष्ठ जुड़ गया। कोरोना संक्रमण के आरंभ होने के पश्चात जबलपुर शहर में जैसे धरना प्रदर्शन आंदोलन थम से गए थे। एक लंबे समय के बाद शहर वासियों ने कर्मचारी नेताओं को सड़क पर प्रदर्शन करते हुए देखा। कोरोना संक्रमण के दौरान कोरोना गाइडलाइन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आम आदमी के बीच अभी तक का इकलौता धरना प्रदर्शन कर्मचारी ही नहीं आम जनमानस के दिलों में जगह बना गया है।केंद्रीय श्रम संगठनों द्वारा आहूत 26 नवंबर की आम हड़ताल के समर्थन में हिंद मजदूर सभा जबलपुर इकाई के द्वारा बिरसा मुंडा चौक पर अधारताल में केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में धरना आयोजित किया गया। हिंद मजदूर सभा के प्रदेश के अतिरिक्त महासचिव श्री नेम सिंह जी ने बताया शासकीय संस्थानों, रेलवे, ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों के निजी करण निगमीकरण, काला किसान कानून, एनपीएस, श्रम कानूनों में बदलाव, बिजली उद्योग का निजीकरण , शासकीय कंपनियों का विनिवेश इत्यादि नीतियों के विरोध में धरने का आयोजन किया गया था। हिंद मजदूर सभा जबलपुर इकाई के तत्वावधान में एचएमएस, एआईटीयूसी, सीआईटीयू , ए आई डी ई एफ,  शहर कांग्रेस के नेताओं ने शिरकत की।  वेस्ट सेंट्रल रेलवे एंप्लाइज यूनियन, जीसीएफ मजदूर संघ, ओ एफ के लेबर यूनियन , व्हीएफजे वर्कर्स यूनियन के कर्मचारी नेताओं तथा सेवा निवृत्त कर्मचारी नेताओं ने धरना प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। धरना आयोजन समिति प्रमुख नेम सिंह ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए धरना प्रारंभ किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता AIDEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एसएन पाठक जी ने ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों के निगमीकरण के विरोध में तकरीर रखते हुए श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध किया साथ ही आम आदमी पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की चर्चा भी की। डब्ल्यू सी आर ई यू के मंडल अध्यक्ष श्री बीएन शुक्ला जी ने शासकीय संस्थान और रेलवे ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों बिजली उद्योग इत्यादि के निजीकरण, निगमीकरण , विनिवेश के नुकसान पर प्रकाश डालते हुए अपना विरोध जताया साथ ही काले किसान कानून, श्रम कानूनों में बदलाव पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। महिला कर्मचारी नेता ओ एफ के कोऑपरेटिव सोसाइटी की मैनेजिंग डायरेक्टर प्रियंका ठाकुर ने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर सरकार को जमकर कोसा। असीम दुबे ने एनपीएस को वापस ले कर पुरानी पेंशन कर्मचारियों को वापस देने की मांग रखी।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री रामदास यादव ने सरकार की नीतियों की खुलकर आलोचना की। पूर्व विधायक नन्हे लाल धुर्वे ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में आयोजन समिति को धन्यवाद देते हुए सफल आयोजन के लिए बधाई दी धरना स्थल पर नवीन लिटोरिया, ए के नायक, एस के मिश्रा, शरद बोरकर, सुनील श्रीवास्तव, अमरीश सिंह, नितेश सिंह, आशीष श्रीवास्तव ,वीरेंद्र साहू ,भवानी पटेल, पीपी पटेल , मो नसीम,सरमन रजक, रमेश बोहित, खुशबू चक्रवर्ती, सीमा कोरी, बीवी थापा राहुल कोष्टी इत्यादि ने धरने को सफल बनाया तथा मंच संचालन पुष्पेंद्र सिंह एवं आभार प्रदर्शन राकेश जयसवाल ने किया।