नई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर में डीडीसी के चुनाव होने वाले हैं. इसी बीच राज्य की तमाम पार्टियों के बीच हुए गुपकार समझौते को लेकर अब्दुल्ला परिवार और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती लगातार बीजेपी नेताओं के निशाने पर हैं. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री ने हाल ही में गुपकार समझौते में शामिल पार्टियों को 'गुपकार गैंग' कह कर संबोधित किया था और उन्हें राष्ट्र विरोधी बताया था. इन्हीं सब मुद्दों पर इंडिया टुडे ने पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती से बात की.वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई से बातचीत करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि बीजेपी लोगों के असंतोष और वास्तविक मुद्दों को खारिज करने की कोशिश कर रही है. यह वास्तविक मुद्दों से हटने की रणनीति है. देश के लिए उनकी क्या दूरदर्शिता है. जवाहरलाल नेहरू के पास विजन था, उनके पास कोई विजन नहीं है. दुर्भाग्य से अधिकांश मीडिया बीजेपी के प्रोपेगंडा की बात करती हैं. जम्मू-कश्मीर के संविधान को लूटा गया है.गुपकार समझौते को लेकर मुफ्ती ने आगे कहा कि हम सभी मुख्य धारा के दल हैं और हमने जम्मू-कश्मीर के संविधान की रक्षा करने की शपथ ले रखी है. मेरे पिता ने उस वक्त तिरंगा फहराया था जब ये एक टैबू हुआ करता था. हम उसका बचाव करेंगे.

मुफ्ती बोलीं- मुझे नहीं चाहिए कोई सर्टिफिकेट
चुनाव के मुद्दे पर मुफ्ती ने कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि हम कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे. मैंने कहा था कि मैं तब तक चुनाव नहीं लड़ूंगी जब तक जम्मू-कश्मीर का झंडा बहाल नहीं हो जाता. तिरंगे से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के संविधान की रक्षा करने के लिए बाध्य हैं और जम्मू-कश्मीर का झंडा भी उसी का हिस्सा है. आप नागालैंड को देखो वो भी तिरंगे को मानने से इनकार करते हैं लेकिन उस पर कभी चर्चा नहीं होती. जम्मू-कश्मीर की चर्चा इसलिए होती है क्योंकि यहां कि अधिकतर आबादी मुस्लिम है.विरोधियों को जवाब देते हुए मुफ्ती ने कहा कि मुझे किसी चड्डीवाला से राष्ट्रवादी और राष्ट्र विरोधी होने का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए. मेरे पिता तिरंगा फहराते रहे हैं. बीजेपी के लोगों ने राज्य को बर्बाद कर दिया है. जम्मू-कश्मीर बैंक की हालत बुरी हो चुकी है. एंटी करप्शन ब्यूरो बैंक की कार्यप्रणाली में हर दिन हस्तक्षेप करता रहता है.बीजेपी के साथ गठबंधन से जुड़े सवाल पर महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि बीजेपी अब हमारी कोई सहयोगी नहीं है. हम राज्य की पहचान के अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं. वे जम्मू-कश्मीर को लूटने की कोशिश कर रहे हैं.बीजेपी पर अपना हमला जारी रखते हुए मुफ्ती ने कहा कि अगर वो भ्रष्टाचार की बात कर रहे थे तो उन्होंने कुछ भी किया क्यों नहीं और मुझे बंद करने के बाद छोड़ क्यों दिया. बीजेपी यहां अपने उम्मीदवारों पर बहुत पैसा खर्च कर रही है, वे कौन होते हैं हमें भ्रष्टाचार के बारे में सिखाने वाले. आतंकवाद बढ़ गया है. विपक्षी नेताओं को बंदी बना रखा है. 4 जी इंटरनेट नहीं है. अगर स्थिति नियंत्रण में है तो वे विरोध प्रदर्शनों को अनुमति क्यों नहीं दे रहे हैं.

बंदूक वाले बयान पर दी सफाई
बंदूक उठाने वाले बयान पर मुफ्ती ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में सब सामान्य है यह झूठ मीडिया द्वारा फैलाया गया है. जम्मू-कश्मीर में वे असंतोष की अनुमति नहीं दे रहे हैं, लोग बंदूकें उठा रहे हैं क्योंकि उन्हें विरोध करने की अनुमति नहीं दी जा रही है, अगर वो ऐसा करते हैं तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता है. तो लोग जेल जाने के बजाय बंदूकें उठा रहे हैं, इसमें गलत क्या है. नाराजगी को हर तरीके से कुचल दिया जाता है, जबकि उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं है. लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन की इजाजत होती है. मैंने किसी को जस्टिफाई नहीं किया मैंने जो हो रहा है वही बताया.महबूबा मुफ्ती ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार के पास कोई विजन नहीं है. चर्चा केवल पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर पर होती रहती है. चीन ने हमारे देश का 1000 वर्ग किमी हिस्सा ले लिया है, वे इस बारे में बात नहीं कर रहे हैं. नया इंडिया की बात करते हैं. पहले लोगों को रोजगार दें. नया जम्मू-कश्मीर बाद में बनाएं. जब जम्मू-कश्मीर का झंडा वापस आएगा, तो मैं दोनों झंडा गर्व के साथ उठाऊंगी.गुपकार समझौते पर बात करते हुए मुफ्ती ने कहा कि हम एकजुट हैं, बीजेपी को इसके लिए धन्यवाद. यह चुनाव के लिए नहीं है बल्कि एक बड़ी तस्वीर के लिए है. हम एकजुट होकर लड़ने जा रहे हैं. कांग्रेस से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि कांग्रेस डर क्यों रही है, वे नेहरू की विरासत को आगे क्यों नहीं बढ़ा सकते. नेहरू की वजह से ही जम्मू-कश्मीर आज भारत का हिस्सा है.